भगत सिंह के अनमोल विचार | Bhagat Singh Quotes In Hindi

Bhagat Singh In Hindi : भगत सिंह को एक क्रांतिकारी नेता के रूप में जाना जाता है, भगत सिंह का गतिशील व्यक्तित्व था जिन्हें मौत की सजा दी गई उनके साथी क्रांतिकारियों राजगुरु और सुखदेव के साथ। 23 मार्च, 1931 को ये तीन क्रांतिकारी त्रिशंकु हो गए। 'इंकलाब जिंदाबाद' वाक्य भगत सिंह द्वारा लोकप्रिय हुआ था।

भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार |Shaheed Bhagat Singh Quotes In Hindi


1. जिंदगी तो स्वंय के कंधों पर जी जाती है,दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं – भगत सिंह

2. देश की नि:स्वार्थ सेवा करना ही मेरा धर्म है – भगत सिंह

3. कवि ,प्रेमी और पागल एक ही चीज़ से बने होते हैं – भगत सिंह

4. लोग देशभक्तों को अक्सर पागल ही कहते हैं – भगत सिंह

5. क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो जरूरी नहीं था, यह बम और पिस्तौल का रास्ता नहीं था – भगत सिंह

6. किसी इंसान को मारना जरुर आसान है लेकिन उसके विचारों को मरना मुश्किल। महान साम्राज्य हमेशा टूट जाते हैं, परन्तु उनके विचार बच जाते हैं – भगत सिंह

7. क्रांति का मतलब केवल हिंसक संघर्ष करना नहीं है – भगत सिंह

8. किसी व्यक्ति करना जरूर आसान है परन्तु उसके विचारों को नहीं ,महान साम्राज्य तबाह हो जाते हैं लेकिन आखिर में उनके विचार बच जाते हैं – भगत सिंह

9. किसी कानून की पवित्रता तब तक ही रहती है जब तक यह लोगो की अभिव्यक्ति हो – भगत सिंह

10. यह शादी करने का समय नहीं,  देश मेरा मुझे बुला रहा है। मैंने अपने आत्मा और दिल के साथ देश की निष्काम भाव से सेवा करने की प्रतिज्ञा ली है – भगत सिंह

11. यह विद्रोह क्रांति नहीं , अंत में यह आपका अंत भी हो सकता है – भगत सिंह

12. मैं अपनी ख़ुशी से फांसी पर चढ़ूंगा और पूरी दुनिया को दिखाऊंगा कि कैसे एक क्रांतिकारी अपनी देशभक्ति के लिए खुद को बलिदान दे सकता है – भगत सिंह

13. मैं सर्वशक्तिमान सर्वोच्च (ईश्वर) के अस्तित्व से इनकार करता हूं – भगत सिंह

14. तभी इंसान कुछ करता है जब वह अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित हो , जैसा कि हम असेंबली हॉल में बम फेंकने को लेकर थे – भगत सिंह

15. क्रांति पूरी मानव जाती का अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता कभी न समाप्त होने वाला जन्म सिद्ध अधिकार है – भगत सिंह

16. जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करेगा उससे मुझे मतलब है क्यूंकि मैं स्वयं एक मानव हूँ – भगत सिंह

17. जब जरूरतें महान हो तो हिंसा भी अनिवार्य हो जाती है – भगत सिंह

18. शारीरिक बल से आत्मबल बल से जोड़ा चाहिए ताकि अत्याचारी दुश्मन की दया पर निर्भर न रहे – भगत सिंह

19. क्रांतिकारी सोच के मुख्य लक्षण निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार हैं – भगत सिंह

Post a Comment

0 Comments