गुरु गोबिंद सिंह जी के हिंदी विचार | Guru Gobind Singh Quotes In Hindi

सिखों के दसवें गुरु खालसा पन्थ की स्थापना करने वाले श्री गुरु गोबिंद सिंह जी (Sri Guru Gobind Singh Ji) एक महान योद्धा, कवि, भक्त एवं आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने गुरु ग्रन्थ साहिब को सम्पूर्ण कर उन्हें गुरु के रूप में सुशोभित किया। गुरु गोबिंद सिंह जी गुरु तेग बहादुर (नौवें सिख गुरु) और माता गुजरी के इकलौते पुत्र थे। पटना में तख्त श्री पटना हरिमंदर साहिब उन्हें समर्पित है क्योंकि यह वह जगह है जहाँ उनका जन्म हुआ था। उन्होंने अपने विचारो से पुरे संसार को अलग ही ज्ञान प्रदान किया। तो आइए जानते है गुरु गोबिंद सिंह जी के कुछ ज्ञानमय विचार (Guru Gobind Singh Ji Quotes In Hindi) : 


श्री गुरु गोबिंद सिंह के ज्ञानमय विचार | Guru Gobind Singh Ji Quotes


1. मुझे कोई भगवान न समझो। जो मुझे भगवान कहते हैं, वे नरक में जाएंगे। मुझे उसके दासों के रूप जानो , इसके बारे में कुछ भी संदेह नहीं है। मैं परमात्मा का सेवक ही हूँ और जीवन के अद्भुत नाटक को निहारने आया हूँ– गुरु गोबिंद सिंह

2. मैं उन लोगो के पैरो में गिरता हूँ जो लोग सच्चाई पर विश्वास रखते हैं – गुरु गोबिंद सिंह

3. यदि आप अपने आप को मजबूत मानते हैं, तो कमजोरों पर अत्याचार न करें और इस तरह आपके साम्राज्य पर कुल्हाड़ी न चलाएं – गुरु गोबिंद सिंह

4. सुबह-शाम हमेशा ईश्वर का ध्यान करो – गुरु गोबिंद सिंह

5. अहंकारवाद एक ऐसी भयानक बीमारी है, मनुष्य मर भी जाए ,पुनर्जन्म होने के लिए वह आना और जाना जारी रखता है – गुरु गोबिंद सिंह

6. धन्य है सच्चा गुरु, जिसने प्रभु के नाम का सर्वोच्च उपहार दिया है – गुरु गोबिंद सिंह

7. व्यक्ति को सुख-शांति तब मिलती है जब वह अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देता है – गुरु गोबिंद सिंह

8. सच्चे गुरु से मिल कर ही भूख मिटती है, भूख किसी भिखारी के वस्त्र पहनकर नहीं जाती – गुरु गोबिंद सिंह

9. अज्ञानी व्यक्ति अँधे के समान होता है वह आभूषण के मूल्य की सराहना नहीं करता , बल्कि उसके चकाचौंध की तारीफ करता है – गुरु गोबिंद सिंह

10. प्रभु स्वयं रास्ता दिखता है, वह स्वयं कर्मों का कर्ता है – गुरु गोबिंद सिंह

11. जो लोग गुरु के वचन के माध्यम से भगवान की पूजा और आराधना करते हैं, वे अपने सभी दुख-दर्द भूल जाते हैं – गुरु गोबिंद सिंह

12.  उन लोगों का ही पूरा जीवन सफल है, जो अपने मन में प्रभु के नाम की भूख को महसूस करते हैं – गुरु गोबिंद सिंह

13. यदि आप सिर्फ भविष्य की सोचोगे तो वर्तमान को भी खो दोगे  – गुरु गोबिंद सिंह 

14. नाम के बिना, शांति नहीं है – गुरु गोबिंद सिंह

15. बोलो वही शब्द जो आपको सम्मान दिलाए  – गुरु गोबिंद सिंह

16. धन के भंडार और विशाल प्रभुत्व वाले सम्राटों की तुलना भगवान के प्यार से भरी चींटी से भी नहीं की जा सकती  – गुरु गोबिंद सिंह

17. आपकी दया मेरी सामाजिक स्थिति है – गुरु गोबिंद सिंह

18. उन लोगों के साथ दोस्ती क्यों करें जिन्हें परमात्मा ने खुद गुमराह किया है – गुरु गोबिंद सिंह

19. धन को बुराई एवं पाप के साधन के बिना इकट्ठा नहीं कर सकते – गुरु गोबिंद सिंह

20.अगर कोई जनता कि मरना किसे कहते है तो कोई मृत्यु को बुरा नहीं कहता – गुरु गोबिंद सिंह

21. जिन्होंने भगवान के नाम को याद रखना सिखाया वे गुरु धन्य हैं – गुरु गोबिंद सिंह

22. परमात्मा से प्रेम उसकी सच्ची भक्ति के समान है – गुरु गोबिंद सिंह

23. हे ईश्वर, मेरे निवेदन को स्वीकार करो ताकि मैं अच्छे कर्म करने से कभी न चूकूँ। जब मैं युद्ध में जाऊंगा और दृढ़ निश्चय के साथ मैं विजयी रहूंगा, मुझे शत्रु का कोई भय नहीं होगा। हो सकता है, मैं अपने दिमाग को केवल आपकी प्रशंसा के लिए गाऊं। और जब समय आता है, मुझे युद्ध के मैदान पर वीरतापूर्वक लड़ते हुए मर जाना चाहिए – गुरु गोबिंद सिंह

24. आप ही आप स्वयं हैं, सभी आप के द्वारा है , आप स्वयं ही सृष्टि का निर्माण किया है – गुरु गोबिंद सिंह

25. मैं उस गुरु पर बलिहारी जाऊं जो परमात्मा की आज्ञा का पालन करता है – गुरु गोबिंद सिंह

26. बिना गुरु के किसी को भी सच्चे ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती – गुरु गोबिंद सिंह

27. जो व्यक्ति जुबान पर कुछ और मन में कुछ और रखता है वह हमेशा स्वंय को एकेला पाता है – गुरु गोबिंद सिंह 

Post a Comment

0 Comments